🌺 नारी का श्रृंगार.. : निर्मला सेवानी करती है जब नारी श्रृंगार उसमे होती है , इक लय इक गति तब सौन्दर्य के पन्नों पर रची जाती है एक अद्भुत कविता.. और नारी जब बनाती है घर तो उभर आती है घर की दीवारों पर एक जीवंत कहानी.. नारी जब करती है प्रेम तब कई रंगों वाली स्याही से नीले जीवनपृष्ठ पर उकेरती है एक अभिनव आलेख.. जिसे पढ़ सृष्टि बढ़ा लेती है एक ओर क़दम..🌷