दिल की बाते December 05, 2018 गर दिल को दिल से कहना हो भारी मन को हल्का करना हो या फिर कोई पैगाम देना हो किसी को आवाज देनी हो कभी खामोश भी रहना हो खामोशी में भी कहना हो कुछ शरारतों का मन हो कही हसरतों की गली ... जाजम महफिल की।