तुम्हें आजकल कम प्यार करने वाली तुम अक़्सर कहते हो, "तुम आजकल बदल गईं हो। अब पहले की तरह मुझसे प्यार नहीं करती” मैं तब सोचने लगती हूं, मैं तुमसे प्रेम तब करती थी या अब करती हूं ! उलझ गए न चलो सुलझा देती हूं पहले वेलेंटाइन, नया साल, वर्षगांठ, दिवाली, मिलन दिन, स्पर्श दिन, चुम्बन दिन, जन्मदिन आदि आदि पर तुम्हें ढेरों उपहार और सरप्राइज देती थी, सोशल मिडिया पर रोमांटिक तस्वीरों के स्टेटस लगाती थी। क्यों, क्योंकि सब ऐसा करते हैं। अब मुझे यह सब करना याद नहीं रहता अब मेरी वार्डरोब तुम्हारी पसंद के कपड़ों से भरी है, और मेरा पसंदीदा रंग कब पिंक से नीला हो गया मुझे पता ही नहीं चला। कल दीदी ने फोन पर याद दिलाया कि मैं बचपन में माल पुए बहुत खाती थी, मैं यह कहकर मुस्करा दी, वो सब बचपन की बातें थी, अब मैं बड़ी हो गई हूं। क्योंकि तुम मालपुए पसंद नहीं करते। दीदी ने ही याद दिलाया था, जिस दिन घर में खीर बनती थी मैं आसमान सिर पर...