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Showing posts from June 23, 2020

जो तन्हा दिलों को करार देती है...

कविता:जो तन्हा दिलों को करार दे दे   SANJAY SANAM Author + फॉलो करें जो महफ़िल में अक्सर होते है किस्सों कहानियों को सुनते कहते है जो अहसासों की रवानी समझते है जो मन की वीरानी भी पकड़ते है जो तन्हाई को भी शबाब कर देते है जो बुझे चेहरों को गुलाब कर देते है महफिल वे ही समझते है--- जो एकाकी दर्द की नब्ज पकड़ते है जो आंखों से कसक समझते है जो खामोशी से बात कर लेते है यारों की संगत दे कर जो कशमकश को समाधान दे देते है। PNG TREE कुछ ऐसी अपनत्व की महफिल में दिल को जवां बना कर चले आइये--- समझदार नही खुद को नादान बना कर चले आइये--- PNG TREE क्योकि महफिल होती वो है जो तन्हा दिल को करार दे दे दिल के तूफानों को जो जवाब दे दे कांटो भरे बीहड़ में जो गुलों का हार दे दे पतझड़ के मौसम में जो सावन की बहार दे दे। --- संजय सनम

जब नजर बोलने लगती है...

कविता: जो तार नजरों के दिलों से जोड़ जाते है   SANJAY SANAM Author + फॉलो करें PNG TREE सिर्फ एक नजर भर मिलती और अपने से लगने लगते है चुरा चुरा कर नजरों को जो नजरों से कहने लगते है अनजान दो दिल जब बेकरार से दिखने लगते है जमाने की भीड़ से जो अलग से चलने लगते है ना जान--ना पहचान पर एक दूजे में रहने लगते है भीड़ के शोर में खामोशी से भी कुछ कहने लगते है विदा लेने से पहले मुड़ मुड़ कर देखने लगते है चूंकि उस दिन उनकी बात नही होती नजरें मिलती-बैचनी बढ़ती पर आमने सामने शब्दों की मुलाकात नही होती तब अगले दिन फिर वो ही गली-- और वक्त भी वो ही होता है जब दो दिलों का सफर एक दूजे को कुछ कहने चला होता है एक आता--दूसरा गर नहीं दिखता तो नजर दूर तक गली के उस छोर पर टिकी रहती है वो जब तक नही दिखता/ दिखती तब तक नजर वही खड़ी रहती है और जैसे ही वो दिख जाता दिल की कली खिल जाती है कली को भंवरा मिल जाता चमन को बहार मिल जाती है प्रेम की भाषा भी तब ठहर जाती है जब प्रेमी से प्रेमिका यू मिल जाती हैं कुछ देर नजरे मिलती फिर शायद भरती भी है जुबा खुलने से पहले घबराहट में अटकती भी है खामोशी टूटने से पहले कुछ कुछ हो...

क्यों टूट रहे है दाम्पत्य बंधन!

सबसे बड़ा सवाल -क्यों छूट रहे है दाम्पत्य बंधन और टूट रहे है परिवार   SANJAY SANAM Author + FOLLOW Freepik शादी की शहनाई, सजावट, तड़क भड़क,जश्न के माहौल की यादें ही ठंडी नहीं पड़ती उससे पहले यह खबर आ जाती है कि 2 माह पहले हम जिस शादी में गए थे वो रिश्ता टूट रहा है अर्थात तलाक हो रहा है। पढ़े लिखे,समझदार बच्चे जो दोनों कमा रहे है--एक दूजे को समझ कर शादी की है--माता पिता अर्थात परिवार की और से थोपा गया रिश्ता नही है--स्वयं दो दिलों की आपसी समझ का रिश्ता है-- शादी के बंधन में बंधने से पहले एक दूजे को पसंद दिल से किया है- साथ साथ आते जाते रहे है अर्थात साथ घूमना,साथ खाना पीना,एक दूजे को इतना करीब से जानने के बाद शादी का फैसला---माँ- बाप अर्थात परिवार भी आजकल यह सोचने लगे है कि अगर बच्चे अपने जीवन साथी का चयन खुद कर रहे है तो कर लेने दीजिये क्योकि जीवन तो इनको ही एक दूजे के साथ बिताना है इसलिए आजकल माँ - बाप भी अपने बच्चों की खुशी के लिए उनके निर्णय पर अपनी मुहर बिना किसी ना- नुकुर के लगा देते है। अब यहां दहेज- लेन-देन की कुरुति भी सामने नहीं आती पर जब कुछ ही दिनों- महीनों में यह खबर आत...

अलर्ट...रेव पार्टियां क्या परोस रही है!

अलर्ट: शराब ,शबाब,नशा, परोसती रेव पार्टियां- शिंकजे में फंसते युवा   SANJAY SANAM Author + FOLLOW Live hindustan.com रेव पार्टी का प्रचलन दिनों दिन बढ़ता जा रहा है और युवा वर्ग पहले नाच गाने की पार्टी से आकर्षित होता है फिर नशे की लत और काम वासना को शांत करने की स्वछंद जगह और माहौल मिल जाता है क्योकि रेव पार्टियों में लड़कों से अधिक लड़कियां रहती है जो युवा लड़कों को इन पार्टियों में जाने की मानसिकता बना ही देती है और एक बार कोई इस पार्टी या इस रंगीन खुले माहौल में चला जाये फिर उसका इस दुनियां से लौटना मुश्किल होता है क्योकि ड्रग्स का नशा शरीर को यहां रहने के लिए मजबूर करता है तो मन के लिए यहां भरपूर सेक्स मिलता है। रेव पार्टी शराब,शबाब,ड्रग्स,,संगीत, डांस,सेक्स का एक तरह से कॉकटेल होता है और दिल्ली,मुम्बई,पुणे ,पुष्कर,खंडाला,इनके गढ़ माने जाते है -ये पार्टियां इतनी गुपचुप तरीके से होती है कि सिर्फ उनको ही पता रहता है जो इससे जुड़े रहते है - नए लोग जो जुड़ते है वे पुराने की संगत में किसी तरह आये हुए होते है तभी उनको एंट्री मिल जाती है। Amarujala वैसे भी ये पार्टियां रईसों की अर्थात...

क्या है फ्रेंडशिप!

फ्रेंडशिप डे स्पेशल :करार ,बेकरार ,इंतजार का संगम है दोस्ती   SANJAY SANAM Author + FOLLOW Love.catchsmile.com दोस्ती ---एक ऐसा शब्द जो उदासियों के मंजर में भी सावन की फुहार सा लगता है---तन्हाइयों के अंधकार में जो अपनत्व का उजास लगता है।दोस्ती-- एक दूजे का विश्वास--एक दूजे का अहसास, एक दूजे पर अधिकार लगता है--यहां दिखावटी औपचारिकतायें नहीं होती-यहां भरोसे की जमीन पर ईमारत खड़ी होती है जो अक्सर खून के रिश्तों से भी बड़ी होती है। Freepik दोस्ती --यह ईश्वर प्रदत्त उपहार होती है--करोड़ों की भीड़ में कुछ चेहरे कब जिंदगी में आ कर इस तरह सांसों में बस जाते है कि बिन उनके जिंदगी भी बेकार लगती है। जिनसे दूर दूर तक का कोई रिश्ता नही होता- जो सैंकड़ो हजारों मील दूर होते है पर कभी शब्दों की जुबान से मिलते है - फिर अहसास की आवाज को सुनते है फिर दिल मे ही कही ठहर जाते है-- -कुछ लोग फिर हकीकत में मिल जाते है तब उनको अपने सामने देखने,जानने,मानने की वो तारीख जिंदगी की एक बहुमूल्य निधि बन जाती है।पर कुछ लोग कई सालों तक नहीं मिल पाते पर फिर भी धड़कने हर दिन मिलती है।यहां मोहब्बत हर दिन एक नया सा गीत ...

दोस्ती--जिंदगी को आसान कर देती है।

दोस्ती जिंदगी आसान कर देती है   SANJAY SANAM Author + FOLLOW PNG TREE दोस्ती रिश्ता है जो अनजान को भी मिला देता है दोस्त  फ़रिश्ता सा बन कर हर मुश्किल को जबाब दिला देता है जो नहीं समझ पाता इस रिश्ते की अहमियत नासमझी में कुछ अनमोल गंवा देता है। PNG TREE हमने इस रिश्ते को दिल से निभाया है उन्हें क्या कहे जिन्होंने छलाया है दोस्त के लिए कवच बन कर खड़े रहते है पर अफ़सोस कुछ ग़ुरूर में तने रहते है। जिनकी राहों से हटना पड़ा है हमको आसान मत समझना -खुद से ही लड़ना पड़ा है हमको। उनके लिए अब कोई शिकायत तक नहीं करते शायद कुछ कर्ज दिल का था जो भरना पड़ा है हमको। है मशविरा उनको---- इस फरेबी दुनिया में तकदीर से कुछ अच्छे जब मिल जाते है हमारी खामियों से वो ही हाथ से निकल जाते है जो हर वक्त साथ खड़े रहते है हमारे लिए जमाने से भिड़े रहते है। दोस्ती  के इस रिश्तें को जिसने खास समझ लिया उसकी जिंदगी आसान हो गयी दोस्ती दर्दे गम का इलाज हो गयी। - संजय सनम( PLEASE LIKE,SHARE,FOLLOW.)

दोस्ती---दोस्त के साथ खड़ी रहती है।

दोस्ती- दोस्त के साथ खड़ी रहती है   SANJAY SANAM Author + FOLLOW मित्रता -- PNG tree जीवन का आधार होती है दिल का श्रृंगार होती है जब कदम लड़खड़ाते है सहारे की पक्की दीवार होती है लबों की मुस्कान होती है नजरों की चाह होती है जेठ सी तपती दुपहरी में मोहब्बत की छांव होती है PNG tree कभी मदिरा कभी जाम होती है साकी के हाथों का शबाब होती है इसका नशा कभी उतरता नही यह मधुशाला का अहसास होती है मन का इजहार होती है चाहतों की नाव होती है इसके समंदर में उतर जाओ जिंदगी जन्नत सा मुकाम होती है PNG tree कभी खूंटी सी तनी रहती है अक्सर फलों सी लदी रहती है जब कोई साथ नही होता यह दोस्त के साथ खड़ी रहती है। दोस्ती के इस अनमोल रिश्ते पर इश्क के इत्र को औऱ लगाइए--रूठे हुए दोस्तों को आज आवाज देकर बुलाइये--शायद किसी को आज आपकीं आवाज का इंतजार हो सकता है उसके इंतजार को करार के मुकाम तक पहुंचाइये। -संजय सनम(PLEASE LIKE SHARE FOLLOW--

इनके लिए शब्दों को संवरना पड़ता है।

जिसके लिए शब्दों को संवरना पड़ता है   SANJAY SANAM Author + FOLLOW Kiplinger.com कुदरत की अता होती है या फिर खता होती है ये प्रेमिका अदभुत बला होती है क्या इनकी अदा होती है न मालूम कितनी वफ़ा होती है जाने कब खफा होती है कब ये रफा होती है ये प्रेमिका FREEPIK.. इश्क का नशा होती है कभी दिल का मर्ज होती कभी दिल की दवा होती है मोहब्बत की सजा होती है हसीनों के हुस्न को कहना- लिखना पड़ता है कलम को संवरना पड़ता है सज धज कर फिर उतरना पड़ता है कभी इतरना कभी बिखरना कभी मिलना कभी बिछुड़ना प्रेम की भाषा मे कभी बहकना कभी ठहरना पड़ता है प्रेम प्रेमिका की नजरों से मोहब्बत की खुशबू लेकर चढ़ता है अक्सर इसका असर ता उम्र भी रहता है कभी बेवफाई इसे तोड़ देती है और कभी कोई इसे फिर जोड़ देती है यह होता हुआ ही अच्छा लगता है बिन प्रेम जीवन भी जंगल लगता है। - संजय सनम( PLEASE LIKE,SHARE,FOLLOW...)

कश्मीर अब भारत का अंग बना है...

काश्मीर भारत का अब अभिन्न अंग बना है   SANJAY SANAM Author + FOLLOW Social media. एक राष्ट्र में दो झंडे दो संविधान जाने कैसे चलते थे! हम मूर्ख तब भी काश्मीर को भारत का अंग कहते थे। Social media देश विरोधी गद्दारों के भारत विरोधी नारे खुले आम जब लगते थे उनकी झूठी सुरक्षा में हमारे जांबाज रहते थे उन भेड़ियों के आगे पीछे शेरों को चलना पड़ता था देश के भाल को तब झुकना पड़ता था आतंकियों से इनकी यारी देश को भारी पड़ती थी पर इनकी आवभगत दिल्ली की दस जनपथ करती थी देश के मस्तिष्क पर अधिकार इनका चलता था देश का धन इन पर लगता था जो हमारे टुकड़ो पर पलते थे वे हमसे नमक हरामी करते थे Social media दुश्मन को बचाने की जो घेराबंदी करते थे आतंकियों के लिए जो पत्थर बाजी करते थे इनके आका गद्दारी की दलाली करते थे। धारा 370 का संरक्षण इनको मिलता था काश्मीर की सड़कों पर दुश्मन झंडा दिखता था कश्मीर की भूमि पर भारत का अधिकार नही था राष्ट्रपति के हस्ताक्षर का भी कोई सम्मान नही था फिर भी हम कश्मीर को भारत का अंग कहते थे! Original( DIGITAL FIRST NEWS) यह सियासत, कुर्सी की कमजोरी थी उस सत्ता के वोट बैंक की मजबूरी...

पर्यूषण का अमर संदेश क्या है!

जिओ ओर जीने दो का संदेश है पर्यूषण   SANJAY SANAM Author + FOLLOW जनसत्ता जैन धर्म मे भगवान महावीर की अहिंसा का पर्व जिओ औऱ जीने दो--क्षमा वीरस्य भूषनम अर्थात क्षमा वीरों का श्रृंगार है अर्थात जैन धर्म मे अहिंसा,क्षमा,दया की त्रिवेणी संगम का विराट रूप सहजता से देखा जा सकता है। संवत्सरी यह पर्व खास है क्योकि 8 दिन के उत्सव में जप,तप,त्याग,तपस्या के अदभुत कीर्तिमान यहां देखने को मिलते है-छोटे छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक तपस्या अर्थात कई दिनों के उपवास एक साथ करते है इस अवसर पर अठाई अर्थात आठ की तपस्या पर्यूषण पर्व के इन प्रमुख दिनों में करने का प्रावधान रहता है। संवत्सरी के विशेष दिन प्रायः सभी लोग उपवास करते है इस खास दिन मन वचन काया से किये गए कर्मो के लिए 84 लाख जीव योनियों से क्षमा मांगी जाती है अर्थात जन्म जन्मांतर के कर्मो से यह मुक्ति की आराधना हैतप,त्याग,साधना से कर्मो की निर्जरा होती है अर्थात पाप कर्मों के क्षय का यह मार्ग बताया जाता है। Jain gyan darshan blog जैन धर्म मे जीव दया और क्षमा का बड़ा महत्व है -जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर की अहिंसा के मूल मंत...

बेटे के लिए एक बाप की प्रेरक कहानी

प्रेरक कहानी: बाप का बलिदान- बेटे की नोकरी के लिए अपनी जान दी   SANJAY SANAM Author + FOLLOW आसान कहाँ है सरकारी नोकरी मिलना--कीमत क्या है योग्यता की--आरक्षण की योग्यता उसके अपने कोटे के वजन से भारी है पर रमेश की किस्मत खुल गई--पिता की अचानक मौत और उसको पिता के स्थान पर नोकरी मिल गई अन्यथा रमेश भी हमारी तरह चप्पलें फाड़ रहा होता पर उसकी जिंदगी उसके पिता ने आसान कर दी-- नोकरी में रहते स्वर्गवासी हो गए पर बेटे के जीवन को सुखमय कर गए-हमको तो न जाने और कितना चलना है-कितने इम्तिहान देने है --नही मालूम। PNG TREE नोकरी की तलाश में तंग हो चुके-सरकारी परीक्षाओं पर परीक्षाएं देकर भी कोई परिणाम तक न पहुंच पाने का दर्द विजय की जुबान से बोल रहा था तथा बालकनी में उस वक्त किसी कार्य से आये उसके पिता ने यह सुन लिया था उन्हें मालूम था बेटे की कड़ी मेहनत पर परिणाम के वक्त आरक्षण के कोटे की दीवार--रमेश के पिता की अचानक मौत ने रमेश की जिंदगी आसान कर दी-- यह बात उनके दिमाग मे घूमने लगी। बाप बेटे के दर्द और उसके संघर्ष को समझ रहा था-अपने बेटे को अब और हारते नही देखना चाहता था-अगले वर्ष तो वो नोकरी से से...

पर्युषण का संदेश क्या है!

जिओ ओर जीने दो का संदेश है पर्यूषण   SANJAY SANAM Author + FOLLOW जनसत्ता जैन धर्म मे भगवान महावीर की अहिंसा का पर्व जिओ औऱ जीने दो--क्षमा वीरस्य भूषनम अर्थात क्षमा वीरों का श्रृंगार है अर्थात जैन धर्म मे अहिंसा,क्षमा,दया की त्रिवेणी संगम का विराट रूप सहजता से देखा जा सकता है। संवत्सरी यह पर्व खास है क्योकि 8 दिन के उत्सव में जप,तप,त्याग,तपस्या के अदभुत कीर्तिमान यहां देखने को मिलते है-छोटे छोटे बच्चों से लेकर बड़े बुजुर्ग तक तपस्या अर्थात कई दिनों के उपवास एक साथ करते है इस अवसर पर अठाई अर्थात आठ की तपस्या पर्यूषण पर्व के इन प्रमुख दिनों में करने का प्रावधान रहता है। संवत्सरी के विशेष दिन प्रायः सभी लोग उपवास करते है इस खास दिन मन वचन काया से किये गए कर्मो के लिए 84 लाख जीव योनियों से क्षमा मांगी जाती है अर्थात जन्म जन्मांतर के कर्मो से यह मुक्ति की आराधना हैतप,त्याग,साधना से कर्मो की निर्जरा होती है अर्थात पाप कर्मों के क्षय का यह मार्ग बताया जाता है। Jain gyan darshan blog जैन धर्म मे जीव दया और क्षमा का बड़ा महत्व है -जैन धर्म के 24 वे तीर्थंकर भगवान महावीर की अहिंसा के मूल मंत...

जैन धर्म मे प्रतिक्रमण

जैन धर्म मे प्रतिक्रमण की महत्ता को जानिये   SANJAY SANAM Author + FOLLOW जैन धर्म की संस्कृति में प्रतिक्रमण की जो महत्ता है उसके कारण क्या है--इस प्रतिक्रमण की परंपरा की जय दर्शन में आगम सम्मत व्याख्या में सवाल जवाब के क्रम से आप तक पहुंचा रहे है- यह हमको जैन दर्शन के विद्वान श्री रमेश जैन सांगली के दुआरा संचालित व्हाट्स एप समूह से मिला है।यह जानकारी मूल्यवान है क्योकि इसके अंदर सवालों के तार्किक समाधान दिए गए है जो जैन संस्कृति की आत्मा को परिभाषित करते है। इनको समझने के साथ फिर जैन संस्कृति की गहराई को समझना भी आसान हो जाता है और हमको भी अपने जीवन को समझने के अनमोल सूत्र मिल जाते है। आइये जैन परंपरा के अनमोल सूत्र प्रतिक्रमण को समझने के लिए जिज्ञासा के समंदर में उतरते है। प्रश्न 1: प्रतिकमण किसे कहते हैं ? Jansatta उत्तर 1: हम अपनी मर्यादाओं का अतिक्रमण करके अपनी स्वभाव दशा में से निकलकर विभाव दशा में चले गए थे तो पुनः स्वभाव रूप सीमाओं में प्रत्यागमन करना प्रतिकमण है। जो पापकर्म मन, वचन, और काया से स्वयं किये जाते हैं, दूसरों से करवाएं जाते हैं और दूसरों के द्वारा किये हुए पाप...

चांद-तेरी वफ़ा सवाली है।

ऐ चांद तेरी वफ़ा सवाली है   SANJAY SANAM Author + FOLLOW ऐ  चांद Denik bhaskar तुझे हमारी दीवानगी का क्या पता नही तेरे लिए लिखे गीतों का गुंजार क्या तुमने सुना नही क्या तू नही जानता महबूब तेरे नाम की उपमा अलंकार अपनी माशूका को देते है NDTV क्या तू नही जानता कि यहां माँ अपने लाडले को चांद का टुकड़ा कहती है क्या तू नही जानता कि सुहागिन करवा चौथ का व्रत तेरा मुख देख कर तोड़ती है NDTV क्या तुझे नही पता मोहब्बत की ईद तुझे देख कर मनाई जाती है तेरा हमारा रिश्ता तो बहुत पुराना है परंपराओं के धागों से बंधा है श्रद्धा की डोर से जुड़ा है प्रेम के अलंकारों से सजा है आज तुम्हारी वफ़ा सवाली थी हम इतने करीब चल कर आ गए तुम्हारे पास अरे कुछ तो तुम्हारी भी जिम्मेदारी थी। अब ये नादानी मत करना अधूरी कहानी मत करना हम जल्द फिर आ रहे है अब प्रीत निभाने की तुम्हारी बारी है - संजय सनम( PLEASE LIKE,SHARE,FOLLOW..)

अखंड जोत का महत्व

नवरात्र की पूजा में कलश स्थापना व अखंड जोत   SANJAY SANAM Author + FOLLOW News 18 hindi नवरात्र के पूजा महोत्सव में कलश स्थापना का अपना महत्व है आइये जानते है कि कलश स्थापना में किन वस्तुओं की आवश्यकता होती है और उसकी स्थापना कैसे की जाती है।कलश स्थापना के बाद के बाद माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा नो दिनों तक की जाती है। कलश की सामग्री Ndtv मिट्टी का गोलाकार पात्र जो बोने के लिए विशुद्ध साफ की हुई मिट्टी --ध्यान रहे इसमे किसी भी प्रकार के कंकर नहीं होने चाहिए मिट्टी का कलश रोली,मौली, सुपारी, कपूर,धूप कलश में रखने के लिए सिक्का आम के पत्ते फूल माला, दीपक,मिठाई ,फल,प्रसाद कलश स्थापना कैसे करे- कलश पर सबसे पहले स्वास्तिक बनाये उसके पश्चात कलश पर मौली बांधे कलश में जल भर ले कलश में साबुत सुपारी,फूल,इत्र, पंचरत्न, औऱ सिक्का मुद्रा रखे कलश में चावल के दाने भी डाले अखंड जोत का महत्व व आवश्यक सावधानी Amar ujala Na hindu.com हमारी भारतीय आध्यत्मिक संस्कृति में जोत का बड़ा महत्व है पर अखंड जोत की महिमा ही अलग है और इसके लिए सतर्कता व सावधानी भी आवश्यक है। अखंड जोत के प्रज्वलित होते र...

समृद्धि का कारण

महाराजा अग्रसेन जी की लक्ष्मी सिद्धि का लाभ अग्रवंशी को समृद्धि दे रहा है।   SANJAY SANAM Author + फॉलो करें Web duniya एक तरफ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को देवी भक्ति के नवरात्रे औऱ इसी दिन अग्रवंश के जनक महाराजा अग्रसेन जी की जन्म जयंति। एक ऐसे महापुरुष जो रघुवंश के त्रेतायुग के श्री राम के पुत्र कुश की 35 वी पीढ़ी से आते है तथा अपने शौर्य,पराक्रम, नीति नियम,सदाचार, प्रजापालक राजा के साथ सन्यासी वृति में रम कर माँ लक्ष्मी की सिद्धि पाकर अग्रवंश कुल को समृद्धि से ओतप्रोत कर देते है। महाराजा अग्रसेन जी श्री राम जी के पुत्र कुश की 34 वी पीढ़ी के महाराजा श्री बल्लभ सेन जी के सुपुत्र थे।इनकी जन्म कुंडली को देख कर राज ज्योतिषियों ने पहले ही यह भविष्यवाणी कर दी थी कि यह बालक परम प्रतापी प्रजा पालक बनेगा और इनके नाम से ही इनका कुल जाना जाएगा और कालांतर में यह भविष्यवाणी सत्य हो जाती है। इनके पिता महाराजा बल्लभ सेन जी महाभारत के युद्ध मे पांडवों की तरफ से युद्ध करते हुए जब वीर गति को प्राप्त कर जाते है तब शोकाकुल युवराज अग्रसेन जी को भगवान श्री कृष्ण दिव्य ज्ञान देकर पिता का राज काज सम्हालने क...

बेटे से मिलने आया था

बाबा बोला-रुपये लेने नही- बेटे से मिलने आया था   SANJAY SANAM Author जीवन की भागम भाग में रिश्ते टूट रहे है- संवेदनाएं चूक रही है--दायित्व भूल रहे है--दौलत- शौहरत की दौड़ में हमसे हमारे अपने छूट रहे है तब उस अहसास को जगाने के लिए कोई घटना,कहानी प्रेरक बन सकती है और बिछड़े उन अपनो तक हमे फिर ला सकती है--एक ऐसा प्रयास इस कहानी के माध्यम से आप तक पहुंचा रहा हूँ।अगर कहानी को पढ़ते पढ़ते आंखों से आंसुओं के मोती टपक जाए- गला रुंध जाए तो कृपया अपनी प्रतिक्रिया अवश्य दीजियेगा ताकि फिर कलम इस डगर पर संवेदनाओं को जीवंत करने के लिए चल पड़े और कलम धर्म को सार्थक कर सकू। साभार- सोशल मीडिया कलक्ट्रेट के बाहर हमेशा की तरह आज भी बड़ी भीड़ थी-जिलाधीश रामलाल के चैम्बर के सामने कई पुलिस अधिकारी,सुरक्षा गार्ड व जिलाधीश से फ़रियाद करने आये क्षेत्र के लोग काफी संख्या में थे--एक के बाद एक फरियादी को बुलाया जा रहा था और बीच बीच मे कुछ अधिकारी भी भीतर बाहर आ जा रहे थे अचानक एक बुजुर्ग ने सबका ध्यान अपनी और खींच लिया जो लाठी के सहारे से चलते हुए तेज गति से ठक ठक करते हुए आ रहे थे तथा रास्ते मे एक पुलिस अधिक...

रंगहीन-------:श्री विजय सिंह नाहटा(A.D.M-JODHPUR)

शब्दों की परिभाषा

शब्द दीवाने होते हैं शब्द ,लरजते होंठों के मयखाने होते हैं, शब्द ,भीगी पलकों के पैमाने होते हैं, शब्द ,आगोश में लिपटे मखमली साये  हैं, शब्द, गुनगुनी धूप के सरमाये हैं, शब्द ,दिल में धड़कते जज्बात होते हैं, शब्द, टपकती आंसुओं की सौगात होते हैं, यूं ही जाया करो तो, बेजार होते हैं, कलम से सज जाए तो, हथियार होते हैं, शब्द परवाने होते हैं, क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं, शब्द, मेहनत करने वालों की पगार होते हैं, शब्द, मिमियाते लोगों की बेगार होते हैं, शब्द गर्व, आकांक्षा, दर्प का दर्पण है, शब्द दया, रहमत, कृपा का समर्पण है, शब्द, स्याही में भीग अफसाने बन जाते हैं, शब्द ,सुराही में डूब बेगाने बन जाते हैं, शब्द, खंजर है, तलवार है, शब्द, डूबते की पतवार है, शब्द,सजदा है, सलाम है, शब्द, सबके लिए पुरस्कार है, शब्द, जुबां पे सयाने होते हैं, क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं, शब्द,कलरव है, झरना है रिश्तों का, शब्द,दूधमुंहा बच्चा है फरिश्तों का, शब्द,कमान में लौट कर नहीं आते हैं, लगाम छूटे तो बाजीगरी कर जाते हैं, शब्द,शातिर की गुलामी से मर जाते हैं, शब्द बिन चिंगारी भी डर जाते हैं, शब्द के अपने नजराने...