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Showing posts from June 20, 2020

महिला काव्य मंच ने कविता की महफिल सजाई।

महिला काव्य मंच, सिलीगुड़ी इकाई की दसवीं काव्य गोष्ठी सफलता पूर्वक सम्पन्न। दिनांक 20 जून 2020, दिन शनिवार, महिला काव्य मंच, सिलीगुड़ी की दसवींऑनलाइन काव्य गोष्ठी विशिष्ट अतिथि दैनिक जागरण के संपादक गोपाल ओझा जी की उपस्थिति में आयोजित की गई। कृष्णा विहानिवाल (कोलकाता) के संचालन में, गोपाल ओझा के हाथों दीप प्रज्वलन और रीता दास की मनोरम आवाज़ में माँ सरस्वती जी की वंदना के साथ ही कार्यक्रम का आग़ाज किया गया। राष्ट्रीय सचिव एवं पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड की प्रभारी सारिका भूषण, पश्चिम बंगाल अध्यक्ष आरती सिंह एवं सचिव बबिता अग्रवाल कँवल, (सिलीगुड़ी)सरंक्षक अर्चना शर्मा, अध्यक्ष वंदना गुप्ता, सचिव रीता दास के सानिध्य में काव्य गोष्ठी बेहद सफल रही।                कार्यक्रम में सभी कलमकारों ने बेहतरीन रचनाएं प्रस्तुत की, सभी रचनाएं एक से बढ़ कर एक थी ।पटल पर जीवन के हर रंग देखने को मिले, माता पिता के स्नेह से ले कर देश प्रेम, प्रकृति प्रेम हर रंगों से सुसज्जित आज की रचनाएं मन को मोहने वाली थी ।  गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में केव...

ऐ सपनों..यू आया न करो।

झूठे कहीं के   ऐ सपनों , रोज़ रोज़ मेरी नींद में   आया ना करो, मिलने आना है तो आओ, पर सताया ना करो, किस घड़ी मैं व्यस्त हूं, तुझको कहां खबर, बेसब्रे से हो जाते हो, मुझ पे करने असर, थोड़ा सा मुझे जीने दो, थोड़ा सा तुम आओ, थोड़ी सी रहमत बरसा, थोड़ा बाहर जाओ, बीती बातें कानों में, फुसफुसाया ना करो, अगर बतानी हो यादें, मन भटकाया ना करो, मेरी मीठी यादों के, अभी खोल दरीचे बैठी, खाली छत घूर रही, तकिया भींचे लेटी, चैन से मुझको रहने दे, खुद से कर लूं बात, तेरी झूठी दिलासा से, जाने कब मिले निजात, तुम सजीले और रंगीले,  अकेले डराया ना करो, इतनी प्यारी लगूं तुम्हें, तो पराया ना करो,  ऐ सपनों,  यूं बेखबर बन, आया ना करो, आना है तो आओ, टाइम बिताया ना करो।