कलयुगी चीरहरण कब तक ?
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किरण अग्रवाल - सिलीगुड़ी |
आग लगी हैवानों के ज़िस्म में
फलस्वरूपहर बार एक औरत मरी है
कितने राज़, कितने सच, कितने दफ़्न
कितनी तड़प, कितनी मृत्यु
कभी निर्भया, कभी ट्वींकल शर्मा,
कभी सौम्या, कभी भंवरी देवी
अनगिनत नामों में एक और
जुड़ा नाम डॉक्टर प्रियंका रेड्डी का
अब और कितने नाम ??
कब तक नोंचोगे तुम
एक देह को
रूह को कुचलकर
हे दुष्ट
कब तक खुले घूमोगे तुम
गुनाहों का पोटला लिए
अब और कितने गुनाह ??
कितने नाम ?
यहाँ कौनसे वेष में मिले शकुनि
कौनसे वेष में दुर्योधन
कह नहीं सकते
हर घर धृतराष्ट्र बसतें है
कोई घर कृष्ण नहीं
अब और कितने चीरहरण
कितने नाम ??
हे औरत तुम करो
ख़ुद रखवाली ख़ुद की
बन चंडी करो संहार
इन पापियों का
अब ना कोई नाम हो
ना कोई बर्बाद हो
अब रोने से कुछ ना होगा
या चारदीवारी स्वीकार करलो
या फिर आगे बढ़ चलो
पापियों के सर्वनाश को
मज़िल है ताकती
अब तुम्हारे नाम को...#किरण_अग्रवाल

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