शब्द दीवाने होते हैं
शब्द ,लरजते होंठों के मयखाने होते हैं,
शब्द ,भीगी पलकों के पैमाने होते हैं,
शब्द ,आगोश में लिपटे मखमली साये हैं,
शब्द, गुनगुनी धूप के सरमाये हैं,
शब्द ,दिल में धड़कते जज्बात होते हैं,
शब्द, टपकती आंसुओं की सौगात होते हैं,
यूं ही जाया करो तो,
बेजार होते हैं,
कलम से सज जाए तो,
हथियार होते हैं,
शब्द परवाने होते हैं,
क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं,
शब्द, मेहनत करने वालों की पगार होते हैं,
शब्द, मिमियाते लोगों की बेगार होते हैं,
शब्द गर्व, आकांक्षा, दर्प का दर्पण है,
शब्द दया, रहमत, कृपा का समर्पण है,
शब्द, स्याही में भीग अफसाने बन जाते हैं,
शब्द ,सुराही में डूब बेगाने बन जाते हैं,
शब्द, खंजर है, तलवार है,
शब्द, डूबते की पतवार है,
शब्द,सजदा है, सलाम है,
शब्द, सबके लिए पुरस्कार है,
शब्द, जुबां पे सयाने होते हैं,
क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं,
शब्द,कलरव है, झरना है रिश्तों का,
शब्द,दूधमुंहा बच्चा है फरिश्तों का,
शब्द,कमान में लौट कर नहीं आते हैं,
लगाम छूटे तो बाजीगरी कर जाते हैं,
शब्द,शातिर की गुलामी से मर जाते हैं,
शब्द बिन चिंगारी भी डर जाते हैं,
शब्द के अपने नजराने होते हैं,
क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं,
शब्द, लक्ष्मण रेखा बन खिंच जाते हैं,
शब्द, नापाक बने तो, जबड़े भिंच जाते हैं,
शब्द, पलनों से गले का हार बन जाते हैं,
शब्द, रूंधे गले में भार बन जाते हैं,
शब्द, जब अपशब्द के गुलाम होते हैं,
शब्द,तब बेवजह बदनाम होते हैं,
शब्द कफ़न ओढ़े चलते हैं,
शब्द बेबाक हो निकलते हैं,
शब्द के की हरजाने होते हैं,
क्योंकि, शब्द दीवाने होते हैं,
शब्द, प्यार है, विश्वास है,राग है,
शब्द, जुबां से फिसले तो आग है,
शब्द, काजल है, शब्द गज़ल है,
शब्द, नूर और हूर की महफ़िल है,
शब्द, शिकायत है, इतिहास है,खास है,
शब्द के बिना हर इन्सान उदास है,
शब्द, जालिम भी है,
जतन भी है,
शब्द उलझन भी है,
प्रयत्न भी है,
शब्द के अपने जमाने होते हैं,
क्योंकि शब्द दीवाने होते हैं, शब्द झंकार से मस्ताने होते हैं,
क्योंकि शब्द दीवाने होते हैं।
:प्रेमलता सिंगी(दिल्ली)
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