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बेचारा जेठ(हास्य विनोद)

परंपरा निभानी भी मुश्किल हुई.....हंसना मना है।
साभार :सोशल मीडिया

*छींकना तो दूर, खाँसते समय भी सावधानी बरते.*

सरकारी हॉस्पिटल में...
 एक व्यक्ति खांसता हुआ अंदर आया. 

सारा का सारा स्टाफ एकदम से ...
सतर्क हो गया. 

सभी ने दौड़ कर ...
उस व्यक्ति को पकड़ा 
और 
एक व्यक्ति ने उसके मुंह पर कसकर मास्क बांध दिया. 

डॉक्टर फटाफट उसका टेस्ट करने में लग गए. 

उस व्यक्ति ने छटपटा कर लाख उनकी पकड़ से निकलने की कोशिश की. परन्तु 
उसकी कोशिश नाकाम रही. 

उसने कुछ बताना चाहा पर किसी ने बोलने भी नही दिया. 

जैसे तैसे उसका सैम्पल कलेक्ट हुआ 
और ...
जांच के लिए भेज दिया गया. 

उसकी...
 टेस्ट रिपोर्ट आई 
तो ...
स्टॉफ ने राहत की सांस ली और ...
उसे बताया गया ...
कि ...
चिंता करने की कोई बात नहीं है. 
उसे *कोरोना* नहीं है.

डॉक्टर ने उससे बिगड़ते हुए पूछा कि ... 
तुम *खांसते* हुए अंदर क्यों आये थे.                            


पहले से ही बौखलाया आदमी गुस्से में 
डॉक्टर और स्टाफ से कड़क होकर बोला..... 

"हरामखोरों,...


 मेरे छोटे भाई की बीवी यहाँ नर्स है.
 हड़बड़ी में ...
वो आज घर से टिफिन नही लाई .
 मैं उसे देने आया था. 
और...
 मैं जब भी ...
छोटे भाई के घर जाता हूं 
तो ...
*खांस* देता हूं. 
ताकि ...
बहू समझ जाये ...
कि ...
जेठ जी आये हैं 
और ...
वह *सिर पर पल्लू* रख ले." 

😂😂😂😂😂😂😂

इसलिए ...
सभी जेठजी से निवेदन है कि कृपया इस कोरोना काल में... 
*खांसने की परंपरा* को स्थगित कर दें. 

😂😂😂😂😂😁😁😉

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